शुक्रवार, 28 जून 2019

गाँव की वो शाम अब कहाँ

 सभी को मेरा अभिवादन....

आज पुराने बीते हुए पलों को याद करके अपने गाँव के बारे में कुछ लिखने का मन हुआ... पुरानी यादों और बदले हुए वक़्त को कुछ पंक्तियों में पिरोया है...
आप सभी को पसंद आए तो अपने विचार जरूर लिखें पसंद करने के साथ साथ... मेरे इस प्रयास को बढ़ाने के लिए अपना योगदान जरूर दें...

गाँव की वो शाम अब कहाँ.....
 

गुरुवार, 20 जून 2019

घर आये नन्हे कदम

 आज हमारे परिवार में एक नन्हे कदम का आगमन हुआ, पूरे परिवार की तरफ से अनाविल के आगमन पर कुछ पक्तियां लिख रही हूँ

रविवार, 12 मई 2019

माँ

 माँ भगवान का वो रूप है जिसको वो वरदान है कि वो एक नई जिंदगी दे सकती है.... और हम सभी उसी ज़िंदगी को जी रहे हें... उनके प्रति इस कृतज्ञता को कुछ पंक्तियों में व्यक्त कर रही हूं..... और ये कविता हर माँ और उसके प्यार को समर्पित 

गुरुवार, 9 मई 2019

जिंदगी के बनते बिगड़ते रंग

 सभी को मेरा प्यार भरा नमन.....

आज हम जो जिंदगी जी रहे हैं वो सच कितनी है और झूठ कितनी है ये ना खुद समझ पा रहे हैं ना किसी को समझा पा रहे हैं.... 
सोशल मीडिया पर जिंदगी इतना व्यस्त हो गयी है कि जो सच में गुज़र रहा है वो अनदेखा हो रहा है.... हम सेल्फी लेते वक़्त मुस्कुराते है दुनिया से अपने गम छिपाते हें... हज़ार फ़िल्टर को लगा के फिर एक झूठी मुस्कान सामने लाते हें.. कहाँ तक ये सही है ये तो अपने में ही जांचने का विषय है....

इसी ज़िन्दगी के रंगों पर आज कुछ पंक्तियाँ लिखने का अवसर मिला... पसंद आए तो अपने विचार जरूर बताएं...

आप सभी का अभिवादन... 

शनिवार, 23 मार्च 2019

वक़्त का गुज़रना

 ये वक़्त का गुज़रना कुछ इस तरह होता है कि शाख से पत्ते सूख के गिर जाना और नयी कोपल का फिर से शाख पर आ जाना..... 

यही नियम है जीवन का भी....

अपनी इस कविता में वक़्त को कुछ शब्दों में पिरोने की कोशिश की है..... 
पसंद आए तो प्रोत्साहन की आशा रखती हूं...... 

रविवार, 10 मार्च 2019

असर दुआओं का

 दुआ असर तो करती है कभी दिखता है कभी छिप जाता है कहीं....

आज उन छिपी हुई दुआओं का फर्ज़ अदा करने का प्रयास किया है.... आशा करती हूँ आप सभी को पसंद आएगा.....

अक्सर गिर कर फिर से संभल जाती हूँ मैं
लगता है किसी की दुआओं का असर है.....
भीड़ में तन्हा होकर भी मुस्कुराती हूं मैं
लगता है किसी की दुआओं का असर है..... 

गुरुवार, 21 फ़रवरी 2019

तुम भूल न जाना उनको

आज फिर कुछ लिखने का मन हुआ......

उनकी शहादत पर चंद पंक्तियाँ पेश कर रही हूं.....
पसंद आए तो अपनी आंखों को बंद कर उनको नमन करें.....

नई दिशा