दुआ असर तो करती है कभी दिखता
है कभी छिप जाता है कहीं....आज उन छिपी हुई दुआओं का फर्ज़ अदा करने का प्रयास
किया है.... आशा करती हूँ आप सभी को पसंद आएगा.....
अक्सर गिर कर फिर से संभल जाती हूँ मैं
लगता है किसी की दुआओं का असर है.....
भीड़ में तन्हा होकर भी मुस्कुराती हूं मैं
लगता है किसी की दुआओं का असर है.....
मेरी अंतरात्मा ने ही मुझे हमेशा कविता लिखने की प्रेरणा दी| ये सभी कविताये मेरे मन के ही भाव हैं| मेरे हिसाब से कविता के द्वारा हम संसार के सुख, दुःख,आनन्द और क्लेश को यथार्थ रूप से अनुभव कर सकते हैं।कविता से मन: स्थिति अभिव्यक्त होती है ।सृष्टि के व्यव्हार या मनुष्य की मनोदशा को कविता इस तरह व्यक्त करती है, मानो वह सब नेत्रों के सामने नाच रहा हो।उनकी उत्तमता या अनुत्तमता का विवेचन करने में बुद्धि से काम लेने की जरूरत नहीं पड़ती। कविता की प्रेरणा से मनोवेगों के प्रवाह जोर से बहने लगते हैं।
रविवार, 10 मार्च 2019
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