सभी को मेरा प्यार भरा नमन.....
आज हम जो जिंदगी जी रहे हैं वो सच कितनी है और झूठ कितनी है ये ना खुद समझ पा रहे हैं ना किसी को समझा पा रहे हैं....सोशल मीडिया पर
जिंदगी इतना व्यस्त हो गयी है कि जो सच में गुज़र रहा है वो अनदेखा हो रहा है....
हम सेल्फी लेते वक़्त मुस्कुराते है दुनिया से अपने गम छिपाते हें... हज़ार फ़िल्टर
को लगा के फिर एक झूठी मुस्कान सामने लाते हें.. कहाँ तक ये सही है ये तो अपने में
ही जांचने का विषय है....

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