रविवार, 10 मई 2020

मेरी माँ..

मेरा मजहब मेरी माँ....मेरी इबादत मेरी माँ....
पहली ख्वाईश मेरी माँ...ख्वाबों की चाहत मेरी माँ....

तू ही समझे हर दर्द मेरा...मेरे सपनों की चादर मेरी माँ...
मुझसे ही तेरा हँसना रोना..मेरे पंखों की उड़ाने मेरी माँ....



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नई दिशा