शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

ऐसे ही चलना सिखा दिया.......

 सिखा दिया मुझे यूं ही अंजानो से दिल लगाना  | 

और वो औरो का बदले मैं मुझे प्यार दिलाना भूल गया || 


आज खुश हूँ कि जानती हूँ सच्चाई इस ज़माने की | 

गिरते सँभालते मैंने भी जानी है कीमत दिल लगाने की  || 


मुस्कुराते हुए ही अब गुजरने लगी हूँ गम की गलियों से मैं  | 

और वो मुझे फूलो से हटा काटों पर चलना सीखा गया   || 


ऐ खुदा मेरे ये जज्बात , ये मुहब्बत बनायीं ही क्यू ?

ये मिलना , ये बिछड़ना , ये सौगात ही क्यू ?


किसी को कुछ नहीं तो किसी को जिंदगी  बना दिया | 

तूने हर मोड़ जीवन मैं ऐसे ही चलना सिखा दिया  || 

ऐसे ही चलना सिखा दिया.......  

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