ज्यादा कुछ कहने का दिल नहीं शायद वो दर्द आज हर इंसान महसूस कर रहा होगा जो उस भारत माँ की बेटी का आखिरी दर्द था....
उसके दर्द और आज के हालात पर कुछ पंक्तियाँ लिख रही हूँ... कुछ गलत लिख गयी हूँ अगर आक्रोश में आकर तो सभी से क्षमा मांगती हूँ...
पसंद आए तो इस बार like करने के लिए ना कहूँगी बस शेयर करें और हर घर तक पहुंचाए.... इस दर्द को हम कुछ कम कर सकते हें एक दूसरे से बाँट के...

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